हरियाली अमावस्या पर धानेश्वर धाम में सजेगा माहेश्वरी समाज का स्नेह मिलन, एकता और सामाजिक समरसता का होगा उत्सव
आम चोखला माहेश्वरी समाज की बैठक में गोट आयोजन की रूपरेखा तय, समाज बंधुओं से अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान

- हरियाली अमावस्या पर धानेश्वर धाम बनेगा माहेश्वरी समाज की एकता का केंद्र
- मिनी पुष्कर में गूंजेगा सामाजिक सौहार्द, 12 अगस्त को होगा माहेश्वरी समाज का महा स्नेह मिलन
- धानेश्वर धाम में जुटेगा माहेश्वरी समाज, गोट आयोजन की तैयारियां तेज
- एकता, परंपरा और भाईचारे का पर्व—हरियाली अमावस्या पर धानेश्वर धाम में होगा भव्य गोट आयोजन
- संगठन की शक्ति का बनेगा उत्सव, धानेश्वर धाम में होगी माहेश्वरी समाज की गोट
शाहपुरा। मिनी पुष्कर के नाम से प्रसिद्ध पवित्र धानेश्वर धाम में शुक्रवार को आम चोखला माहेश्वरी समाज की महत्वपूर्ण बैठक समाज अध्यक्ष सत्यनारायण न्याती की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में समाज की आगामी साधारण सभा तथा हरियाली अमावस्या के अवसर पर आयोजित होने वाली पारंपरिक गोट (स्नेह मिलन) की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई।
बैठक में समाज के पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 12 अगस्त 2026, बुधवार (हरियाली अमावस्या) को धानेश्वर धाम परिसर में समाज की गोट का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में समाज के सभी परिवारों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं गरिमामय बनाने के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को सौंपी गईं।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में ऐसे सामूहिक आयोजन केवल परंपराओं का निर्वहन नहीं होते, बल्कि समाज में आपसी प्रेम, विश्वास, सहयोग और भाईचारे को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। विशेष रूप से युवा पीढ़ी को समाज की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने में ऐसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों ने कहा कि धानेश्वर धाम केवल एक धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में पिरोने वाला पावन स्थल भी है। हरियाली अमावस्या पर आयोजित होने वाली गोट समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाकर सामाजिक समरसता और संगठन की भावना को मजबूत करती है। उन्होंने समाज के सभी बंधुओं से परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।
बैठक में आयोजन की व्यवस्थाओं, भोजन, स्वागत, अनुशासन तथा अन्य आवश्यक तैयारियों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया, ताकि कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और यादगार बनाया जा सके।
इस अवसर पर संरक्षक ताराचंद हेडा, रामप्रसन्न सोमानी (तस्वारिया), रामकिशन मूंदड़ा, राजेंद्र जागेटिया (कादेड़ा), सत्यनारायण काबरा, रमेशचंद्र नुवाल, भागचंद नुवाल (भीमड़वास), कैलाशचंद्र सोमानी, रूपचंद पोरवाल, सत्यनारायण आगीवाल, भागचंद आगीवाल, गुलाबचंद सोमानी (रामपुरा), महावीर प्रसाद हेडा, कमलेश लड्ढा, प्रकाशचंद्र तोषनीवाल, मुकेश तोषनीवाल, ज्ञानचंद मूंदड़ा (कादेड़ा), रामप्रकाश दाखेड़ा, द्वारका प्रसाद हेडा, गिरधारी नौलखा, कैलाशचंद्र नौलखा सहित समाज के अनेक वरिष्ठजन एवं सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में समाज के सचिव कमलेश लड्ढा एवं संरक्षक मंडल ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि हरियाली अमावस्या का यह आयोजन समाज की एकता, संस्कृति और पारिवारिक सौहार्द का प्रेरक उदाहरण बनेगा।




