प्रतिभाओं का सम्मान, शिक्षा को उड़ान: कोली समाज ने कहा—‘पढ़ेगा समाज, तभी आगे बढ़ेगा’

शाहपुरा। पावरलूम परिसर में रविवार को कोली समाज की प्रतिभाएं सम्मान से निहाल हुईं तो माहौल तालियों की गूंज से सराबोर हो उठा। समाज की ओर से आयोजित प्रतिभा एवं सरकारी सेवाओं में चयनित युवाओं के सम्मान समारोह में शिक्षा, प्रतिभा और सामाजिक प्रगति को लेकर मंथन हुआ। समाज के गणमान्य नागरिकों, शिक्षाविदों, समाजबंधुओं, विद्यार्थियों और महिलाओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।
समारोह में चिकित्सा विभाग में चयनित लक्ष्मी कोली पुत्री नाथूलाल कोली (आमेरिया), ओमप्रकाश पुत्र पप्पूलाल कोली (खण्डवाल), केसरीमल पुत्र लक्ष्मीनारायण (खण्डवाल) तथा गौतम कोली पुत्र सम्पतलाल कोली (भाकर) का सम्मान किया गया।
इसी तरह शिक्षा विभाग में द्वितीय श्रेणी वरिष्ठ अध्यापक पद पर चयनित प्रतीका कोली पुत्री मिश्रीलाल (सकरवाल) तथा डाक विभाग में चयनित भारती कोली पुत्री रामस्वरूप (बछापरिया) को भी सम्मानित किया गया। खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी खुशबू कोली पुत्र गणेशलाल (रोदिया) का भी सम्मान कर समाज ने उसकी उपलब्धि पर गर्व जताया।
अंबेडकर लिखित प्रतियोगिता के प्रतिभागियों का भी सम्मान
समारोह में पूर्व में आयोजित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जीवनी एवं विचारों पर आधारित लिखित प्रतियोगिता में चयनित तथा भाग लेने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रतिभाओं को मंच और सम्मान मिलने से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है। इससे शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी सेवाओं की ओर विद्यार्थियों का रुझान मजबूत होगा।
10वीं-12वीं में 75 प्रतिशत अंक लाने पर मिलेंगे ₹1000
समारोह में सेवानिवृत्त सुंदरलाल कोली ने विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले समाज के विद्यार्थियों को ₹1,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
घोषणा के बाद समारोह में मौजूद समाजबंधुओं ने इसका स्वागत किया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसी पहल बच्चों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी और शिक्षा के प्रति सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का माहौल तैयार होगा।
बच्चों तक पहुंचेगी बाबा साहब की जीवनी
सेवानिवृत्त लादूलाल कोली ने भी विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बच्चों में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन, संघर्ष और विचारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए उन्हें डॉ. अंबेडकर की जीवनी पर आधारित पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाएंगी।
वक्ताओं ने कहा कि समाज की उन्नति का सबसे मजबूत रास्ता शिक्षा है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आगे बढ़ने के लिए उचित मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन देना आज की आवश्यकता है।
सम्मान से बढ़ेगा हौसला, शिक्षा को मिलेगा बल
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सरकारी सेवाओं में चयनित युवाओं का सम्मान केवल उपलब्धि का अभिनंदन नहीं, बल्कि समाज के दूसरे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा भी है। जब कोई युवा मेहनत के बल पर सरकारी सेवा में पहुंचता है और उसे समाज के मंच पर सम्मान मिलता है, तो अन्य विद्यार्थियों के मन में भी आगे बढ़ने की इच्छा पैदा होती है।
कार्यक्रम के अंत में समाज के प्रधानाचार्य ओमप्रकाश, वरिष्ठ अध्यापक महेश कुमार, समाज अध्यक्ष नरेश कुमार, सामूहिक विवाह समिति अध्यक्ष शंकरलाल, सचिव बरदी चंद, हाथकरघा सहकारी समिति मंत्री नाथूलाल सहित रामकिशन, रामचंद्र, रामस्वरूप, सम्पत, छोटूलाल, राजकुमार, महेंद्र, भगवत, शांतिलाल, कन्हैयालाल (खाना), बल्लू भाई, रवि कुमार सहित समाजबंधुओं एवं महिलाओं ने अपने विचार रखे।
समारोह में एक बात स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आई—प्रतिभा को सम्मान और शिक्षा को प्रोत्साहन मिले तो समाज की अगली पीढ़ी सफलता की नई इबारत लिख सकती है।




