अब सवाल सिर्फ परीक्षा का नहीं, सवालों की गुणवत्ता का भी!
डाइट शाहपुरा में चार दिवसीय कार्यशाला, कक्षा 1 से 8 तक के लिए तैयार हुए प्रश्नपत्र; एआई तकनीक से असेसमेंट पोर्टल पर अपलोड

शाहपुरा। शिक्षा व्यवस्था में मूल्यांकन के बदलते स्वरूप के साथ अब विद्यार्थियों की परीक्षा भी केवल रटने तक सीमित नहीं रहेगी। इसी दिशा में राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (आरएससीईआरटी), उदयपुर के निर्देशों की पालना में नवीन सत्र 2026-27 के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), शाहपुरा में “असेसमेंट पोर्टल हेतु प्रश्नपत्र निर्माण व अपलोड कार्यशाला” का चार दिवसीय आयोजन किया गया।
कार्यशाला में प्रश्नपत्र निर्माण को लेकर शिक्षकों को आधुनिक मूल्यांकन पद्धतियों से जोड़ा गया। खास बात यह रही कि शिक्षकों ने एआई तकनीक का उपयोग करते हुए तैयार किए गए प्रश्नों और प्रश्नपत्रों को असेसमेंट पोर्टल पर अपलोड करने का नवाचार भी किया।
रटने से आगे बढ़कर समझ और सृजन पर जोर
कार्यशाला आयोजक एवं सीएमडीई प्रभारी दुर्गेश सेन ने बताया कि बदलती मूल्यांकन अवधारणा के तहत प्रश्नपत्रों का निर्माण ब्लूम टेक्सोनॉमी के विभिन्न स्तरों को ध्यान में रखते हुए किया गया। इसमें विद्यार्थियों के ज्ञानात्मक, अवबोधात्मक, क्रियात्मक, स्मरणात्मक, विश्लेषणात्मक एवं सृजनात्मक स्तरों को आधार बनाया गया।
इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की केवल याददाश्त को परखना नहीं, बल्कि उनकी समझ, प्रयोग करने की क्षमता, विश्लेषण और रचनात्मक सोच को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाना है।
7 ब्लॉक के 14 शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण
चार दिवसीय कार्यशाला में भीलवाड़ा जिले के सात शिक्षा ब्लॉकों से 14 प्रतिभागी शिक्षकों ने भाग लिया। शिक्षकों ने पीएस/यूपीएस कक्षाओं के अंतर्गत कक्षा 1 से 8 तक हिन्दी, संस्कृत, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों के प्रश्न और प्रश्नपत्र तैयार किए।
इसके बाद तैयार प्रश्नों को एआई आधारित तकनीक के माध्यम से असेसमेंट पोर्टल पर अपलोड किया गया। इस प्रक्रिया के जरिए शिक्षकों को तकनीक और आधुनिक मूल्यांकन पद्धति के बीच समन्वय का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिला।
ब्लॉक व विषय संयोजकों ने संभाली जिम्मेदारी
कार्यशाला के चरणबद्ध संचालन एवं समन्वय के लिए मोहित सिंह और मनोज कुमार सोनी संदर्भ व्यक्ति के रूप में मार्गदर्शक एवं समन्वयक की भूमिका में रहे। अभियानात्मक कार्य के विकेंद्रीकरण के लिए ब्लॉक एवं विषय संयोजकों की भी नियुक्ति की गई।
इसमें शाहपुरा ब्लॉक से हिन्दी विषय प्रभारी दिनेश सिंह भाटी, अंग्रेजी प्रभारी सोनाली मालू एवं सामाजिक विज्ञान प्रभारी ओम प्रकाश माली शामिल रहे।
इसी प्रकार कोटड़ी ब्लॉक से हिन्दी प्रभारी रामस्वरूप कुम्हार, हुरड़ा से विज्ञान प्रभारी राशिदा तबस्सुम पठान, जहाजपुर से गणित प्रभारी कमल सिंह मीणा, सुवाणा से अंग्रेजी प्रभारी सीमा शर्मा व राजू जाट तथा संस्कृत प्रभारी भबूत लाल रायका व शिवराज गौरा ने जिम्मेदारी निभाई।
माण्डल ब्लॉक से विज्ञान प्रभारी घनश्याम कोली व बाबूलाल खाती तथा रायपुर ब्लॉक से गणित प्रभारी रतन लाल बलाई सहित अन्य शिक्षकों ने भी कार्यशाला में सक्रिय एवं क्रियात्मक सहयोग दिया।
शिक्षा में तकनीक की दस्तक, अब मूल्यांकन भी स्मार्ट
कार्यशाला ने यह संकेत दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक का दायरा अब केवल स्मार्ट कक्षाओं और डिजिटल सामग्री तक सीमित नहीं है। प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर मूल्यांकन और उसके डिजिटल प्रबंधन तक तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
शिक्षकों द्वारा एआई तकनीक के माध्यम से प्रश्नों को तैयार कर पोर्टल पर अपलोड करने की पहल को इसी बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे भविष्य में प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता, विविधता और विद्यार्थियों की वास्तविक सीखने की क्षमता के आकलन को और बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।




