
शाहपुरा। बछ बारस (गौ वत्स जयंती) के पावन पर्व पर शाहपुरा में महिलाओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ गाय एवं बछड़े का विधि-विधान से पूजन किया। महिलाओं ने गौ माता को तिलक लगाकर, पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति, संतान की दीर्घायु और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की। पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह नजर आया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गौ माता में समस्त देवी-देवताओं का वास माना जाता है। इसी आस्था के साथ महिलाओं ने गौ माता की पूजा कर परिवार की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। बछ बारस का पर्व मातृत्व, करुणा, गौ सेवा और भारतीय संस्कृति में गौ माता के प्रति श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है।
गौ महात्म्य की कथा सुनाई
इस अवसर पर नीलम भट्ट ने गौ महात्म्य की कथा सुनाई। उन्होंने गौ माता की धार्मिक महिमा के साथ भारतीय संस्कृति में गाय के पवित्र स्थान और गौ सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गौ सेवा केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि भारतीय जीवन परंपरा और संस्कारों से जुड़ी भावना है।
कथा के दौरान गौ माता के प्रति श्रद्धा के साथ सेवा और संरक्षण का संदेश दिया गया। महिलाओं ने कथा श्रवण कर गौ माता के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
पर्व के दौरान नीरमा साहू, प्रीति, वीणा, नाथी सेन, सरिता सेन, सुमन शर्मा, गायत्री शर्मा, अलका पाराशर, पुष्पा तेली सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने पूजा-अर्चना में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने गौ माता का आशीर्वाद लेकर परिवार में सुख-शांति, संतान की दीर्घायु और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की।
गौ माता की सेवा, भारतीय संस्कृति का सम्मान और परिवार की खुशहाली—बछ बारस पर्व ने इसी आस्था और संस्कार का संदेश दिया।




