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नंदीशाला में गूंजे भोले के भजन, बरगद-बिल्व के पौधों से संजोया प्रकृति का आंगन

सावन के दूसरे सोमवार और सोम प्रदोष पर श्रीनाथजी भक्त मंडल का सेवा-संकल्प, नंदियों को खिलाया गुड़

शाहपुरा। सावन मास के दूसरे सोमवार और सोम प्रदोष के पावन संयोग पर शाहपुरा में भक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी गूंजा। श्रीनाथजी भक्त मंडल की ओर से केकड़ी रोड स्थित श्री गोवर्धननाथ नंदीशाला परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रद्धा और सेवा से ओतप्रोत इस आयोजन में मंडल के सदस्यों ने नंदियों को गुड़ खिलाकर पुण्य लाभ लिया और नंदीशाला परिसर में बरगद एवं बिल्व के पौधे रोपकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान पूरा नंदीशाला परिसर भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। प्रकाश पाठक ने भगवान शिव एवं भक्ति से जुड़े सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों की मधुर स्वर लहरियों के बीच मंडल के सदस्यों ने सामूहिक कीर्तन किया तो वातावरण भक्तिमय हो उठा। सावन की धार्मिक आस्था और हरियाली के संदेश ने आयोजन को विशेष बना दिया।

शिव महापुराण कथा के बाद सेवा की नई कड़ी

श्रीनाथजी भक्त मंडल के संदीप जोशी ने बताया कि सावन मास के दौरान शाहपुरा में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा का सफलतापूर्वक समापन हुआ है। कथा के माध्यम से जहां श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा और सनातन संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिला, वहीं इसी धार्मिक एवं सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए नंदीशाला परिसर में पौधारोपण का आयोजन किया गया।

उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति, जीव-जंतुओं और समाज की सेवा भी धार्मिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। इसी भावना के तहत नंदियों की सेवा के साथ पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

बरगद और बिल्व के पौधे बने आस्था और पर्यावरण के प्रतीक

पौधारोपण के दौरान बरगद और बिल्व के पौधे लगाए गए। सावन के महीने में बिल्व का पौधा भगवान शिव की आराधना से विशेष रूप से जुड़ा माना जाता है, वहीं बरगद भारतीय परंपरा में दीर्घायु, छाया और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है। ऐसे में नंदीशाला परिसर में इन पौधों का रोपण धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरणीय चेतना का भी संदेश देता नजर आया।

पूर्व पार्षद जोरावर खान एवं भूपेन्द्र त्रिपाठी ने पौधारोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पौधा लगाना केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। पौधे को वृक्ष बनने तक उसकी नियमित देखभाल करना ही वास्तविक पर्यावरण सेवा है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और लगाए गए पौधों की जिम्मेदारी लेकर उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने उपस्थित सभी सदस्यों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। धार्मिक वातावरण में हुए इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि भक्ति के साथ सेवा और प्रकृति संरक्षण का संकल्प समाज को नई दिशा दे सकता है।

इस अवसर पर सुनील दत्त शर्मा, अभिषेक त्रिपाठी, सुनील दाधीच, अजय शर्मा, नीरज सेन, मनोज भारद्वाज, अंकित सेन, संदीप जोशी, गोल्डी पाराशर, शिवप्रकाश श्रृंगी, लक्की पोरवाल, अंकुर नौलखा एवं अभिजीत सोनी सहित श्रीनाथजी भक्त मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।

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