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अंधविश्वास के अंधेरे में विज्ञान की दस्तक, 31 अक्टूबर को रिलीज होगी शाहपुरा के वीरेन्द्र रावणा की फिल्म ‘भैरव का भरम’

10 लाख रुपए के बजट में बनी फिल्म का ट्रेलर रिलीज, धनरूप प्रोडक्शन के यूट्यूब चैनल पर देख सकेंगे दर्शक

शाहपुरा। अंधविश्वास और विज्ञान के बीच संघर्ष को रहस्य, रोमांच और सामाजिक संदेश के साथ पर्दे पर उतारने वाली फिल्म ‘भैरव का भरम’ का ट्रेलर शुक्रवार को रिलीज किया गया। धनरूप प्रोडक्शन के बैनर तले बनी यह फिल्म 31 अक्टूबर 2026 को प्रोडक्शन के आधिकारिक यूट्यूब चैनल @DhanRoopProduction पर रिलीज होगी। फिल्म का लेखन और निर्देशन मूल रूप से शाहपुरा, भीलवाड़ा निवासी वीरेन्द्र रावणा ने किया है। सीमित संसाधनों और करीब 10 लाख रुपए के बजट में तैयार इस फिल्म को राजस्थान के युवा फिल्मकारों और कलाकारों के सामूहिक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

फिल्म की टैगलाइन ‘साइंस ट्रायम्फ ओवर सुपरस्टिशन’ यानी ‘अंधविश्वास पर विज्ञान की जीत’ इसकी मूल भावना को सामने रखती है। कहानी के जरिए यह सवाल उठाया गया है कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सोच के दौर में भी समाज का एक हिस्सा रूढ़ियों और अंधविश्वासों से क्यों जकड़ा हुआ है।

पेड़, मूर्ति और पुजारी से शुरू होता है टकराव

फिल्म की कहानी 21वीं सदी के एक अति पिछड़े छोटे से गांव की पृष्ठभूमि में बुनी गई है। गांव में सैटेलाइट टावर स्थापित करने के लिए एक कंपनी के लोग पहुंचते हैं। टावर लगाने के लिए निर्धारित स्थान पर एक पेड़ है, जिस पर मूर्ति स्थापित है। मूर्ति की पूजा करने वाला पुजारी और श्रद्धालु उस स्थान से जुड़े विश्वासों को लेकर अपनी मान्यताओं पर अडिग हैं। ऐसे में तकनीकी विकास की कोशिश और धार्मिक आस्था के बीच टकराव शुरू हो जाता है।

कहानी आगे बढ़ती है तो घटनाक्रम रहस्यमयी मोड़ लेने लगता है। कई घटनाएं दर्शकों के मन में सवाल खड़े करती हैं और कहानी का रोमांच बढ़ाती हैं। अंत में घटनाओं से जुड़े पहलुओं का खुलासा होता है। फिल्म की खासियत यह है कि इसमें मनोरंजन और रहस्य के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संदेश देने का प्रयास किया गया है।

शाहपुरा के वीरेन्द्र रावणा का लेखन-निर्देशन

फिल्म का लेखन एवं निर्देशन वीरेन्द्र रावणा ने किया है। निर्माता कुशवन्त सिंह चौहान और सह-निर्माता पंकज पारीक हैं। सह निर्देशन की जिम्मेदारी समीर राज ने संभाली है। फिल्म में पंकज पारीक, प्रिया शर्मा, हितेन शर्मा, प्रिया, वीरेन्द्र रावणा, नैना शर्मा, राजीव जैन, आनंद गंगवार, पंकज कुमार, सिकंदर चौहान, अल्ताफ हुसैन, गोपाल राम, सोवी राठौड़, मुकेश जोधा, राजेश और रमेश सहित अन्य कलाकारों ने भूमिकाएं निभाई हैं।

फिल्म का म्यूजिक और मिक्स मास्टरिंग कृष्ण कुंतल ने किया है। वीएफएक्स और पोस्ट प्रोडक्शन का काम संजीव कुंतल ने संभाला, जबकि मुंबई के संदीप डे ने एडिटिंग की है। मेकअप आर्टिस्ट के रूप में मिताली, कोमल और रजनी जांगिड़ ने योगदान दिया।

युवाओं के लिए प्रेरणा बनने की उम्मीद

फिल्म निर्माण में करीब 10 लाख रुपए खर्च होने की जानकारी दी गई है। सीमित बजट में विभिन्न कलाकारों और तकनीकी सहयोगियों के सामूहिक प्रयास से तैयार यह फिल्म राजस्थान में हिंदी फिल्म निर्माण की संभावनाओं को सामने लाने का प्रयास है।

फिल्म से जुड़े लोगों की उम्मीद है कि ‘भैरव का भरम’ युवाओं को अपने संसाधनों के दम पर रचनात्मक कार्य करने और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

अब दर्शकों की नजर 31 अक्टूबर पर है, जब रहस्य और रोमांच से भरी यह फिल्म धनरूप प्रोडक्शन के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध होगी। फिल्म की कहानी के जरिए विज्ञान और अंधविश्वास के बीच छिड़ने वाली बहस दर्शकों को कितना प्रभावित करती है, यह रिलीज के बाद सामने आएगा।

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