BHILWARAE-Paperधर्मराजस्थानलोकल न्यूज़शाहपुरा

‘सनातन की रीढ़ है संगठन’, महामंडलेश्वर हंसरामजी ने विहिप पदाधिकारियों से कहा—पर्वों में दिखे समाज की एकजुटता

भीलवाड़ा। बदलते वैश्विक हालात के बीच समाजसेवा और सनातन संस्कृति के संरक्षण को लेकर विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं की भूमिका पर महामंडलेश्वर स्वामी हंसरामजी उदासीन ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी संघ और संगठन से जुड़े कार्यकर्ता निस्वार्थ भाव से समाजसेवा में जुटे हुए हैं। संगठन सनातन समाज की रीढ़ है और समाज की एकता व जागरूकता के लिए इसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

विश्व हिंदू परिषद राजस्थान क्षेत्र के पदाधिकारियों ने चातुर्मास संत दर्शन कार्यक्रम के तहत श्री हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर पहुंचकर महामंडलेश्वर स्वामी हंसरामजी उदासीन से मुलाकात की। इस दौरान वर्तमान सामाजिक एवं वैश्विक परिस्थितियों के साथ सनातन समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

संत दर्शन के साथ समसामयिक मुद्दों पर मंथन

विहिप राजस्थान क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री एवं सेवानिवृत्त इंजीनियर सुरेश उपाध्याय, ओमप्रकाश बुलिया, बद्रीलाल सोमानी और विजय ओझा ने महामंडलेश्वर स्वामी हंसरामजी उदासीन के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

मुलाकात के दौरान समाजसेवा, संगठन की सक्रियता और वर्तमान परिस्थितियों में सामाजिक संगठनों की भूमिका को लेकर विचार-विमर्श हुआ। महामंडलेश्वर ने कहा कि समाज की शक्ति उसकी एकजुटता में है। संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं को सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता के भाव के साथ अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

गणेश और दुर्गा महोत्सव में दिखे सामाजिक एकता के रंग

आगामी धार्मिक पर्वों को लेकर भी महामंडलेश्वर स्वामी हंसरामजी ने महत्वपूर्ण आग्रह किया। उन्होंने कहा कि श्री गणेश महोत्सव, दुर्गा महोत्सव सहित सभी धार्मिक आयोजनों में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्व केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये समाज को जोड़ने, आपसी समरसता बढ़ाने और सनातन संस्कृति की सामूहिक शक्ति को प्रदर्शित करने के अवसर भी हैं। संगठन और समाज के अग्रदूतों को ऐसे आयोजनों में सजगता और जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

महामंडलेश्वर ने इस बात पर भी जोर दिया कि धार्मिक आयोजनों में समाज के अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी हो, जिससे नई पीढ़ी भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े और सामाजिक एकता मजबूत हो।

अंगवस्त्र और रुद्राक्ष माला से किया अभिनंदन

विहिप पदाधिकारियों ने महामंडलेश्वर स्वामी हंसरामजी उदासीन से दर्शन लाभ लेकर आशीर्वाद प्राप्त किया। आश्रम की ओर से पदाधिकारियों का अंगवस्त्र पहनाकर एवं रुद्राक्ष की माला भेंट कर अभिनंदन किया गया।

मुलाकात के दौरान सेवा, संगठन और सनातन संस्कृति को लेकर संत एवं विहिप पदाधिकारियों के बीच संवाद का माहौल रहा। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि धार्मिक-सामाजिक संगठनों की सक्रियता और समाज की सामूहिक भागीदारी से सनातन परंपराओं को और मजबूत किया जा सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!