
शाहपुरा। रामस्नेही संप्रदाय की मुख्यपीठ रामनिवास धाम में चातुर्मास के दौरान प्रवचन कार्यवाहक भंडारी संत नवनिधराम महाराज द्वारा किए जाएंगे। सोमवार को वाणीजी महाराज के पाठ के पश्चात आयोजित प्रवचन में उन्होंने गुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं चातुर्मास की महत्ता पर प्रकाश डाला।
संत नवनिधराम महाराज ने बताया कि मुख्यपीठ रामनिवास धाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन 29 जुलाई (बुधवार) को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत प्रातः 5:00 बजे से 6:00 बजे तक रामधुन, प्रार्थना, भजन एवं मंगल आरती होगी। इसके बाद प्रातः 9:00 बजे से 11:00 बजे तक वाणीजी महाराज का पाठ, प्रवचन एवं भजन आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि प्रातः 11:00 बजे महाप्रभु स्वामी रामचरणजी महाराज की समाधि का सामूहिक पूजन, महाआरती तथा प्रसादी वितरण होगा। वहीं सायं 7:20 बजे संध्या आरती, नाम-स्मरण एवं प्रार्थना का आयोजन किया जाएगा।
संत नवनिधराम महाराज ने सभी रामस्नेही अनुयायियों एवं धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से गुरु पूर्णिमा महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर उन्होंने चातुर्मास की महत्ता बताते हुए कहा कि श्रावण, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक—इन चार महीनों में परिव्राजक संत अपना भ्रमण स्थगित कर किसी एक स्थान पर निवास करते हुए भगवद्भजन, साधना एवं सत्संग करते हैं। आषाढ़ी पूर्णिमा से कार्तिक पूर्णिमा तक की अवधि को चातुर्मास माना जाता है। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार इसकी गणना आषाढ़ शुक्ल एकादशी (देवशयनी एकादशी) से कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवउठनी एकादशी) तक की जाती है।




