वाराणसी से उठेगी संत रविदास के समरसता संदेश की गूंज, 650वीं जयंती वर्ष का होगा ऐतिहासिक शुभारंभ
राष्ट्रव्यापी अभियान में शामिल होंगे शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा, जन्मस्थली की पावन मिट्टी 131 कलशों में पहुंचेगी देशभर के गांव-गांव

शाहपुरा। संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष को भारतीय जनता पार्टी इस बार अभूतपूर्व श्रद्धा, भव्यता और राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी के साथ मनाने जा रही है। आषाढ़ पूर्णिमा से लेकर माघी पूर्णिमा तक चलने वाले इस विशेष जयंती वर्ष के दौरान देशभर में संत रविदास के जीवन, दर्शन, सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस विराट अभियान का शुभारंभ 29 जुलाई को संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी से होगा, जहां देश के 27 राज्यों से आए प्रतिनिधि एक ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बनेंगे।
इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख जनप्रतिनिधियों के दल में शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा भी शामिल होंगे। भाजपा प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी के नेतृत्व में राजस्थान का प्रतिनिधिमंडल 28 जुलाई को वाराणसी पहुंचेगा और अगले दिन आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में सहभागिता करेगा। विधायक डॉ. बैरवा की इस महत्वपूर्ण भागीदारी को शाहपुरा क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

650वीं जयंती वर्ष बनेगा राष्ट्रीय जनजागरण अभियान
भाजपा ने संत रविदास महाराज की 650वीं जयंती को केवल एक धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए इसे सामाजिक समरसता और जनजागरण का राष्ट्रीय अभियान बनाने का निर्णय लिया है। 29 जुलाई से प्रारंभ होकर आगामी 1 फरवरी तक देशभर में कलश पूजन, कलश यात्राएं, जनसंपर्क अभियान, जनसभाएं, सामाजिक संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा संत रविदास के विचारों पर आधारित विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक संत रविदास की शिक्षाओं को पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी पहुंचेगी गांव-गांव
इस आयोजन की सबसे विशेष और आकर्षक पहल होगी संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर की पावन मिट्टी को 131 कलशों में भरकर देशभर में भेजना। यह पवित्र माटी उत्तर प्रदेश सहित 27 राज्यों के प्रमुख जिलों, मंडलों, गांवों और बस्तियों तक पहुंचेगी। प्रत्येक स्थान पर इन कलशों का विधिवत पूजन एवं वंदन किया जाएगा तथा संत रविदास के सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
भाजपा का मानना है कि यह अभियान देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता को और मजबूत करेगा। जन्मस्थली की मिट्टी लोगों को अपनी महान संत परंपरा से जोड़ने का माध्यम बनेगी तथा सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकात्मता का संदेश घर-घर तक पहुंचेगा।
27 राज्यों के प्रतिनिधियों का होगा ऐतिहासिक संगम
वाराणसी में आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में देश के 27 राज्यों से प्रतिनिधि भाग लेंगे। 28 जुलाई को विभिन्न राज्यों से पहुंचने वाली 131 टोलियां संत रविदास की जन्मस्थली पर एकत्र होंगी। इन टोलियों के माध्यम से 131 कलशों में जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी भरी जाएगी। अगले दिन वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन एवं आरती के पश्चात इन कलशों को पूरे देश के लिए रवाना किया जाएगा।
आयोजन स्थल पर विशाल जनसभा का भी आयोजन होगा, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेता, संत समाज के प्रतिनिधि तथा हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे। आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

राजस्थान से पहुंचेगा मजबूत प्रतिनिधिमंडल
राजस्थान से भाजपा प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी के नेतृत्व में जाने वाले प्रतिनिधिमंडल में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल, विधायक संदीप शर्मा, कुलदीप धनकड़, कैलाश वर्मा, डॉ. लालाराम बैरवा, गोपाल शर्मा, प्रदेश मंत्री सीताराम पोसवाल तथा पूर्व सांसद मनोज राजौरिया सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। यह प्रतिनिधिमंडल राजस्थान की ओर से कार्यक्रम में सहभागिता कर संत रविदास के संदेश को प्रदेश तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाएगा।
राष्ट्रीय नेतृत्व रहेगा मौजूद
शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने बताया कि 29 जुलाई को आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष तथा अनेक केंद्रीय एवं प्रदेश स्तरीय मंत्री, सांसद, विधायक और देशभर से आए संत समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। सभी की मौजूदगी में 131 कलशों का पूजन एवं आरती कर उन्हें देश के विभिन्न राज्यों के लिए रवाना किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक अभियान होगा।
संत रविदास के विचार आज भी हैं प्रासंगिक
विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास का योगदान किसी एक क्षेत्र या समाज तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने पूरे देश को समानता, भाईचारे, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनका जीवन जाति-पांति, ऊंच-नीच और सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष तथा मानव मात्र की समान गरिमा के लिए समर्पित रहा।
उन्होंने कहा कि संत रविदास ने अपने विचारों और भक्ति के माध्यम से समाज को नई दिशा दी। उन्होंने आडंबर, भेदभाव और सामाजिक कुरीतियों का विरोध करते हुए प्रेम, सेवा, सद्भाव और समानता पर आधारित समाज की स्थापना का संदेश दिया। आज जब समाज में समरसता और सामाजिक एकता की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है, तब संत रविदास के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं।
डॉ. बैरवा ने कहा कि जब चारों ओर निराशा और सामाजिक विषमता का वातावरण था, तब संत रविदास सहित भक्ति आंदोलन के महान संतों ने समाज को नई चेतना प्रदान की। उनके संदेश ने लोगों को जोड़ने, मानवता को सर्वोपरि मानने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का कार्य किया। यही कारण है कि उनकी शिक्षाएं आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वाराणसी की पावन धरती से प्रारंभ होने वाला यह राष्ट्रव्यापी अभियान संत रविदास के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी जब देश के गांव-गांव और बस्ती-बस्ती तक पहुंचेगी, तब वह केवल श्रद्धा का प्रतीक नहीं होगी, बल्कि सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और मानवता के अमर संदेश की वाहक बनकर पूरे देश को जोड़ने का कार्य करेगी।




