मिनी पुष्कर धानेश्वर में उमड़ा माहेश्वरी समाज का स्नेह, एकजुटता और सेवा का संगम
हरियाली अमावस्या पर 25 गांवों के समाजबंधु-मातृशक्ति जुटे, निर्माणाधीन भवन के लिए भामाशाहों ने खोला सहयोग का पिटारा

फुलिया कला। मिनी पुष्कर के नाम से प्रसिद्ध धानेश्वर तीर्थ स्थल पर हरियाली अमावस्या का पर्व माहेश्वरी समाज के लिए स्नेह, समरसता और सामाजिक एकजुटता का संदेश लेकर आया। फुलिया कला-केकड़ी माहेश्वरी समाज आम चोखला धानेश्वर की ओर से आयोजित स्नेह मिलन समारोह में 25 गांवों से आए समाजबंधुओं और मातृशक्ति ने भाग लिया। धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सरोकारों और समाज के निर्माणाधीन भवन को लेकर भी कार्यक्रम में उत्साह नजर आया।
समारोह के दौरान श्री महेश सेवा संस्थान आम चोखला धानेश्वर की साधारण सभा की बैठक सत्यनारायण न्याती की अध्यक्षता में हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान महेश के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद एसएन न्याती ने विभिन्न गांवों से पहुंचे समाजबंधुओं और मातृशक्ति का आत्मीय स्वागत किया।
भवन निर्माण बना समाज की एकजुटता का केंद्र
अध्यक्ष सत्यनारायण न्याती ने निर्माणाधीन माहेश्वरी समाज भवन की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि भवन में हॉल के साथ वातानुकूलित कमरों का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज के दानदाताओं ने अब तक 41 कमरे एवं हॉल प्रदान किए हैं, जिसके लिए उन्होंने सभी भामाशाहों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि धानेश्वर जैसे धार्मिक और प्राकृतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थल पर समाज का अपना भवन तैयार होना आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी साबित होगा। इसके साथ ही निर्माणाधीन शिव मंदिर को भी समाज की आस्था और सहयोग से पूर्ण करने का संकल्प व्यक्त किया गया।
न्याती ने कहा कि समाज की एकजुटता और सामूहिक सहयोग से धानेश्वर में भवन निर्माण का यह पुनीत कार्य आगे बढ़ रहा है।
सचिव ने रखा आय-व्यय का लेखा-जोखा
साधारण सभा में संस्थान के सचिव कमलेश कुमार लड्डा ने सचिवीय रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने सितंबर 2025 से जुलाई 2026 तक की अवधि का आय-व्यय विवरण सदन के समक्ष रखा, जिसे चर्चा के बाद अनुमोदित किया गया।
संरक्षक ताराचंद हेडा ने समाजबंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से धानेश्वर में वातानुकूलित भवन का निर्माण पूरा हो सकेगा। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से आगे भी खुले मन से सहयोग करने का आह्वान किया।

न्याती का दोहरी जिम्मेदारी मिलने पर अभिनंदन
कार्यक्रम में सत्यनारायण न्याती को एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर समाज की ओर से विशेष सम्मान किया गया। अजमेर जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष बनने पर आम चोखला धानेश्वर के माहेश्वरी समाजबंधुओं ने उन्हें माला पहनाकर, दुपट्टा ओढ़ाकर और साफा बांधकर भव्य अभिनंदन किया।
इस दौरान समाजबंधुओं ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा व्यक्त की।
भामाशाहों का सम्मान, सहयोग की नई उम्मीद
साधारण सभा में नए कमरों के लिए सहयोग की घोषणा करने वाले भामाशाहों का भी सम्मान किया गया। ओमप्रकाश, सुभाष चंद्र न्याती केकड़ी, रामदयाल सोमानी गुलाबपुरा, नाथूलाल गांधी कोठिया, राजेंद्र हेडा कनेचन कला, गुलाबचंद सोमानी केकड़ी, सतीश चंद्र अजमेरा कनेछन कला, राजेंद्र कुमार न्याती केकड़ी, कैलाश चंद्र बसेर तस्वरिया, बालमुकुंद बसेर तस्वरिया, ओमप्रकाश मूंदड़ा केकड़ी, कैलाश चंद्र बेली शाहपुरा तथा गोरधन लाल बांगड़ कादेड़ा का दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया।
इसके अलावा भीलवाड़ा जिला महिला उपाध्यक्ष सुभद्रा देवी हेडा, सरपंच उर्मिला न्याती का महिला मंडल अध्यक्ष जिज्ञासा हेडा ने दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया।
श्री माहेश्वरी मंडल केकड़ी अध्यक्ष टीकमचंद आगीवाल, प्रवीण कुमार बांगड़ भीलवाड़ा तथा दानदाता पुरुषोत्तम बांगड़ कादेड़ा का भी सम्मान किया गया।
17 गांवों से पहुंचा समाज, दिखी सामाजिक समरसता
स्नेह मिलन में फुलिया कला, धनोप, रामपुरा, कनेछन कला, तहनाल, देवपुरी, ढीकोला, खामोर, कोठिया, तस्वारिया बासा, भीमडावास, कादेड़ा, काचरिया, खवास, सांपला, कुरथल और मेंहरू कला सहित विभिन्न गांवों से माहेश्वरी समाज के बंधु एवं मातृशक्ति पहुंचे।
कार्यक्रम का संचालन भागचंद मूंदड़ा केकड़ी ने किया।
हरियाली अमावस्या पर धानेश्वर में परिवार संग उल्लास
स्नेह मिलन के बाद समाजबंधुओं ने हरियाली अमावस्या के अवसर पर धानेश्वर तीर्थ स्थल की प्राकृतिक और धार्मिक छटा का आनंद लिया। बड़ी संख्या में समाजबंधु बच्चों और परिवार के साथ पहुंचे। सामूहिक भोज का आयोजन हुआ, जिसमें सभी ने आत्मीयता के साथ प्रसादी ग्रहण की।
दिनभर चले आयोजन में धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता, पारिवारिक मेलजोल और समाज के विकास के लिए सहयोग की भावना एक साथ नजर आई। धानेश्वर में हरियाली अमावस्या का यह स्नेह मिलन केवल मिल बैठने का अवसर नहीं रहा, बल्कि समाज की एकजुटता और आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत आधार तैयार करने का संकल्प भी बन गया।




