
शाहपुरा। पीएम श्री वीर माता माणिक कंवर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, शाहपुरा में गुरुवार को राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत विज्ञान एवं गणित मेले तथा क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। मेले में कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं ने विज्ञान और गणित को किताबों से बाहर निकालकर मॉडल, प्रयोग और नवाचारों के जरिए जमीन पर उतार दिया।
किसी मॉडल में पर्यावरण संरक्षण का संदेश था तो किसी में जल बचाने की चिंता। कहीं सतत कृषि की नई तस्वीर दिखाई दी तो कहीं हरित ऊर्जा और उभरती तकनीक ने भविष्य की झलक दिखाई। छात्राओं ने अपने-अपने मॉडल की कार्यप्रणाली और उपयोगिता को आत्मविश्वास के साथ समझाते हुए यह साबित किया कि सही अवसर मिले तो बेटियां विज्ञान के क्षेत्र में भी बड़ी सोच और नए समाधान देने की क्षमता रखती हैं।
कक्षा में पढ़ा विज्ञान, मेले में बनकर दिखाया
मेले में छात्राओं ने अपनी रुचि के अनुसार अलग-अलग विषयों पर मॉडल एवं प्रोजेक्ट तैयार किए। इनमें सतत कृषि, हरित ऊर्जा, प्लास्टिक एवं अपशिष्ट प्रबंधन, उभरती प्रौद्योगिकी, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य, ऊर्जा एवं जल संरक्षण तथा मनोरंजन आधारित गणितीय गतिविधियां प्रमुख रहीं।
छात्राओं ने वर्तमान समय की गंभीर चुनौतियों को अपने मॉडल का विषय बनाया। पर्यावरण प्रदूषण, बढ़ता प्लास्टिक कचरा, जल संकट, कृषि में नवाचार और नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों जैसे मुद्दों पर उन्होंने अपने विचार प्रस्तुत किए।
खास बात यह रही कि छात्राओं ने केवल मॉडल बनाकर उन्हें प्रदर्शित नहीं किया, बल्कि उनके पीछे छिपे वैज्ञानिक सिद्धांत और उपयोगिता को भी समझाने का प्रयास किया। इससे मेले में आने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों को भी विज्ञान एवं गणित को व्यवहारिक रूप में समझने का अवसर मिला।
क्विज में चली सवालों की ‘वैज्ञानिक बौछार’
विज्ञान एवं गणित मेले के साथ क्विज प्रतियोगिता ने कार्यक्रम में रोमांच और बढ़ा दिया। विज्ञान, गणित और सामान्य ज्ञान से जुड़े सवालों के जवाब देने के लिए छात्राओं में खासा उत्साह नजर आया।
एक के बाद एक सवालों के बीच छात्राओं ने अपनी तार्किक क्षमता, स्मरण शक्ति और विषय ज्ञान का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता ने छात्राओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाया और उन्हें अपनी क्षमताओं को परखने का मौका दिया।
‘विज्ञान सिर्फ किताबों में नहीं, जिंदगी में भी है’
विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती रीता धोबी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, वैज्ञानिक अंतर्दृष्टि और विज्ञान एवं गणित विषय के प्रति अभिरुचि विकसित करती हैं। साथ ही रचनात्मक कौशल, समस्या समाधान की क्षमता और टीमवर्क की भावना भी मजबूत होती है।
उन्होंने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विज्ञान का वास्तविक उद्देश्य केवल प्रश्नों के उत्तर याद करना नहीं, बल्कि समस्याओं को समझना और उनके समाधान तलाशना है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशक्ति को वास्तविक मॉडल और प्रयोग में बदलने का अवसर देते हैं।
बेटियों के नवाचारों का स्टाफ ने किया अवलोकन
कार्यक्रम में पीएम श्री गतिविधि प्रभारी इंदिरा जैन, राकेश कुमार खटीक, रानू धाकड़, ज्योति सुमन, नीरू, मेघा केवलानी, आदित्य मीणा सहित विद्यालय का स्टाफ एवं सभी छात्राओं ने मेले का अवलोकन किया।
शिक्षकों ने छात्राओं द्वारा तैयार किए गए मॉडल और प्रोजेक्ट की जानकारी ली तथा उनके प्रयासों की सराहना की। छात्राओं ने भी उत्साह के साथ अपने मॉडल की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और उसके पीछे की सोच के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागी छात्राओं का उत्साहवर्धन किया गया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं का सम्मान किया गया।
शाहपुरा की बेटियों ने इस विज्ञान एवं गणित मेले के जरिए यह संदेश जरूर दिया कि प्रयोगशाला में रखे उपकरणों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है—कुछ नया सोचने का हौसला। आज जिन हाथों ने मॉडल बनाए हैं, वही हाथ कल विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नए समाधान गढ़ सकते हैं।




