राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनाव की उल्टी गिनती शुरू, आज OBC आयोग सौंपेगा रिपोर्ट
राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां की तेज, 6 अगस्त को जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ होगी अहम वीडियो कॉन्फ्रेंस

जयपुर।
राजस्थान में पंचायत एवं नगर निकायों के आम चुनाव को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को गति देते हुए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (कलेक्टरों) को आवश्यक तैयारियों के साथ सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में चुनाव कार्यक्रम को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय सामने आ सकते हैं।
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह 6 अगस्त को सुबह 11:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से विस्तृत समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में चुनाव तैयारियों, मतदान केंद्रों की व्यवस्था, मतदाता सूची, ईवीएम प्रबंधन तथा आयोग द्वारा निर्धारित एजेंडे के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा होगी। सभी कलेक्टरों को पूरी तैयारी के साथ बैठक में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।

इधर, पंचायत चुनाव की तैयारियों के तहत राज्य निर्वाचन आयोग ने 25 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की कमीशनिंग प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं। आयोग चाहता है कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने से पहले सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
इस बीच चुनावी प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव आज पूरा होने की संभावना है। राजस्थान पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग आज अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा। इस रिपोर्ट के आधार पर पंचायतों और नगर निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण का अंतिम निर्धारण किया जाएगा।
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सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अगले लगभग 10 दिनों में सभी सीटों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जा सकती है। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम जारी करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
चुनावी तैयारियों से जुड़े प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि यदि सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी हो जाती हैं तो अगले 15 दिनों के भीतर प्रदेश में पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने की संभावना है। इसके साथ ही प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी और राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो जाएंगी।
प्रदेश भर के संभावित उम्मीदवारों, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों की नजर अब OBC आयोग की रिपोर्ट, आरक्षण लॉटरी और निर्वाचन आयोग की आगामी घोषणा पर टिकी हुई है। इन निर्णयों के बाद राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनाव का पूरा परिदृश्य स्पष्ट हो जाएगा।




