‘गुड टच-बैड टच’ की दी महत्वपूर्ण जानकारी, विधिक साक्षरता शिविर में विद्यार्थियों को किया जागरूक
तालुका विधिक सेवा समिति शाहपुरा की पहल, न्यायिक अधिकारी मनमीत सिंह मोंगा ने कहा— शोषण के खिलाफ आवाज उठाना ही सबसे बड़ी सुरक्षा

शाहपुरा।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भीलवाड़ा के निर्देशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति, शाहपुरा द्वारा मंगलवार को राजकीय बालक उच्च माध्यमिक विद्यालय, शाहपुरा में “ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे” अभियान के अंतर्गत विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, बाल संरक्षण कानूनों तथा व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना था।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित माननीय न्यायिक अधिकारी श्री मनमीत सिंह मोंगा ने विद्यार्थियों को सरल एवं सहज भाषा में “अच्छा स्पर्श (Good Touch) और बुरा स्पर्श (Bad Touch)” की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को अपने शरीर, सम्मान और सुरक्षा के अधिकार के प्रति सजग रहना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति अनुचित व्यवहार करता है या बुरा स्पर्श करता है, तो उसे कभी भी छिपाना नहीं चाहिए, बल्कि तुरंत अपने माता-पिता, अभिभावकों, शिक्षकों अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी प्रकार के शारीरिक, मानसिक या यौन शोषण के विरुद्ध आवाज उठाना साहस का परिचायक है। ऐसी परिस्थितियों में बिना डर के चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बच्चों से कहा कि कानून उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार के शोषण को सहन करना या छिपाना उचित नहीं है।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा व्यक्तिगत सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और बाल संरक्षण से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। संवादात्मक शैली में आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और जागरूकता का संचार किया।
इस अवसर पर पैनल अधिवक्ता मोहम्मद शरीफ एवं निखिल व्यास, तालुका विधिक सेवा समिति के सचिव आजाद मोहम्मद, पीएलवी रीना देवी, विद्यालय के प्रधानाचार्य इकराम उल हक अंसारी सहित विद्यालय का समस्त शिक्षकीय स्टाफ उपस्थित रहा।
शिविर में लगभग 250 विद्यार्थियों ने सहभागिता कर विधिक जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों से जीवन में कानून का सम्मान करने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार की अनुचित घटना होने पर बिना भय के संबंधित अधिकारियों को सूचना देने का आह्वान किया गया।
तालुका विधिक सेवा समिति की यह पहल विद्यार्थियों को केवल कानूनी जानकारी देने तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्हें आत्मरक्षा, आत्मविश्वास और सुरक्षित भविष्य की दिशा में जागरूक बनाने का प्रभावी प्रयास भी साबित हुई।




