आश्वासन से नहीं मानी बात, सात सूत्रीय मांगों को लेकर तीन युवा बैठे आमरण अनशन पर

रिपोर्ट : प्रकाश तोषनीवाल, फूलियाकलां
फूलियाकलां। कस्बे की विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर गुरुवार को तीन युवाओं ने अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया। रैगर बस स्टैंड पर टेंट लगाकर सुबह 10 बजे से शुरू किए गए इस आंदोलन में युवाओं ने प्रशासन के समक्ष सात सूत्रीय मांगें रखी हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक अनशन जारी रहेगा।
जानकारी के अनुसार फूलियाकलां कस्बे की समस्याओं को लेकर युवा पूर्व में भी जुलाई माह में सामुदायिक अस्पताल के बाहर आमरण अनशन कर चुके हैं। उस दौरान प्रशासन की ओर से मांगों के समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आंदोलनकारियों के अनुसार अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद प्रशासन को सूचना देकर तीन युवाओं—शिवराज आचार्य, लालाराम रावण एवं दिनेश कुमार माली—ने गुरुवार सुबह रैगर बस स्टैंड पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया।
सात सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन
अनशन पर बैठे शिवराज आचार्य ने बताया कि क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान के लिए सात सूत्रीय मांग पत्र प्रशासन के समक्ष रखा गया है। इसमें मनरेगा श्रमिकों का लंबित भुगतान दिलाने, चंबल परियोजना से क्षेत्र में पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा रैगर बस स्टैंड पर अधूरे पड़े सड़क निर्माण कार्य को पूरा कराने की मांग प्रमुख है।
इसके अलावा श्रीकल्याण राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के पुरानी बावड़ी मार्ग पर पुराने रास्ते को खुलवाने, कस्बे में स्थित प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में स्थायी चिकित्सक एवं आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति करने तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों के पद भरने की मांग भी उठाई गई है।
फसल खराबे के मुआवजे की भी मांग
युवाओं ने क्षेत्र में फसल खराबे का उचित सर्वे करवाकर किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग भी की है। उनका कहना है कि किसानों और ग्रामीणों से जुड़ी इन समस्याओं का लंबे समय से समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि पूर्व में किए गए आमरण अनशन के दौरान मिले आश्वासनों के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ऐसे में इस बार वे मांगों पर ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई होने तक अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
प्रशासन के सामने चुनौती
फूलियाकलां में एक साथ सात स्थानीय मुद्दों को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब प्रशासन के लिए भी चुनौती बन गया है। खास तौर पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सड़क, पशु चिकित्सा, मनरेगा भुगतान और किसानों के मुआवजे जैसे सीधे तौर पर आमजन से जुड़े मुद्दे आंदोलन का केंद्र हैं। अब प्रशासन की ओर से इन मांगों पर क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर ग्रामीणों की नजर बनी हुई है।




