शाहपुरा में उद्योग लगाने का सुनहरा अवसर: रीको ने समेलिया में 222 औद्योगिक भूखण्डों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू की
28 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन, एक आवेदन पर सीधे आवंटन और अधिक आवेदन होने पर होगी ई-लॉटरी

टेक्सटाइल एवं अपैरल इकाइयों को मिलेगा विशेष लाभ, 60 प्रतिशत रियायती दर पर 33 वर्ष की लीज
शाहपुरा। औद्योगिक विकास की दिशा में शाहपुरा के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) ने शाहपुरा तहसील के फतेहपुरा-समेलिया औद्योगिक क्षेत्र में प्रत्यक्ष आवंटन योजना (बारहवाँ चरण) के तहत 222 औद्योगिक भूखण्डों के आवंटन की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। इसके साथ ही दो वेयरहाउस भूखण्ड भी उद्यमियों एवं निवेशकों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। इस योजना से क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित होने, स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने तथा औद्योगिक निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
रीको के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक एस. के. नेनावटी ने बताया कि निगम द्वारा प्रत्यक्ष आवंटन योजना के तहत फतेहपुरा-समेलिया औद्योगिक क्षेत्र में भूखण्ड उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान टेक्सटाइल एवं अपैरल पॉलिसी-2025 के अंतर्गत आने वाले उद्योगों तथा टेक्सटाइल से संबंधित इकाइयों को इस योजना में आवेदन करने का अवसर दिया गया है। इससे राज्य सरकार की टेक्सटाइल क्षेत्र को बढ़ावा देने की नीति को भी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बताया कि फतेहपुरा-समेलिया औद्योगिक क्षेत्र को फ्लेक्सिबल लीज पॉलिसी के तहत शामिल किया गया है। इस नीति के अंतर्गत उद्योगों को विशेष रियायत प्रदान करते हुए औद्योगिक भूखण्ड आरक्षित दर के मात्र 60 प्रतिशत मूल्य पर उपलब्ध कराए जाएंगे। भूखण्डों का आवंटन 33 वर्ष की लीज अवधि के लिए किया जाएगा, जिससे नए उद्यमियों एवं निवेशकों को कम लागत में उद्योग स्थापित करने का अवसर मिलेगा।

नेनावटी ने बताया कि इच्छुक निवेशकों को रीको के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ भूखण्ड की कुल देय प्रीमियम राशि का 5 प्रतिशत अमानत (ईएमडी) के रूप में जमा कराना अनिवार्य होगा। यह राशि 28 जुलाई 2026 को सायं 6 बजे तक ऑनलाइन जमा कराई जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि यदि किसी भूखण्ड के लिए केवल एक आवेदन प्राप्त होता है तो उसका प्रत्यक्ष आवंटन कर दिया जाएगा। वहीं यदि एक से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं तो पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-लॉटरी प्रणाली के माध्यम से भूखण्ड का आवंटन किया जाएगा।
रीको अधिकारियों के अनुसार, राईजिंग राजस्थान के अंतर्गत राज्य सरकार के साथ एमओयू करने वाले निवेशकों को भी इस योजना में विशेष अवसर मिलेगा। जिन निवेशकों ने ईएमडी जमा कराने की अंतिम तिथि तक राज्य सरकार के साथ एमओयू किया है, वे सभी भूखण्ड आवंटन के पात्र होंगे तथा आवंटन संबंधित एमओयू धारक के नाम पर ही जारी किया जाएगा।
उद्योग स्थापित करने के इच्छुक उद्यमियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रीको ने भुगतान व्यवस्था भी आसान रखी है। नेनावटी ने बताया कि नियमानुसार आवंटी को पहले 25 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी। इसके बाद शेष 75 प्रतिशत राशि का भुगतान 19 त्रैमासिक किश्तों में 8.50 प्रतिशत ब्याज सहित किया जा सकेगा। यदि कोई निवेशक एकमुश्त भुगतान करना चाहता है तो उसे 120 दिनों के भीतर बिना किसी ब्याज के पूरी शेष राशि जमा कराने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
उन्होंने बताया कि 25 प्रतिशत राशि जमा होते ही संबंधित निवेशक को आवंटन पत्र जारी कर भूखण्ड का कब्जा सौंप दिया जाएगा, जिससे उद्योग स्थापना की प्रक्रिया बिना अनावश्यक विलंब के शुरू की जा सकेगी।
रीको का मानना है कि इस योजना से शाहपुरा क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नया विस्तार मिलेगा। विशेष रूप से टेक्सटाइल एवं अपैरल उद्योगों के आने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, सहायक उद्योग विकसित होंगे तथा क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई मजबूती मिलेगी। औद्योगिक निवेश बढ़ने से परिवहन, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग एवं सेवा क्षेत्र को भी लाभ मिलने की संभावना है।
रीको ने इच्छुक निवेशकों से समय रहते ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है। योजना के अंतर्गत उपलब्ध भूखण्डों का विवरण देखने एवं आवेदन करने के लिए निवेशक रीको की वेबसाइट पर उपलब्ध डायरेक्ट लैंड अलॉटमेंट लिंक अथवा RIICO ERP Direct Land Portal के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए उद्यमी रीको कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।
औद्योगिक विकास की दृष्टि से यह योजना शाहपुरा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि अधिकाधिक निवेशक इस अवसर का लाभ उठाते हैं तो आने वाले वर्षों में फतेहपुरा-समेलिया औद्योगिक क्षेत्र क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन का नया केंद्र बन सकता है।




