“लोकतंत्र की पहली पाठशाला बंद क्यों?” छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर अभाविप का प्राचार्य कार्यालय पर प्रदर्शन
महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव शीघ्र कराने की मांग, कहा— विद्यार्थियों को मिले नेतृत्व और प्रतिनिधित्व का अधिकार

शाहपुरा। महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) शाहपुरा इकाई ने प्राचार्य कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य का घेराव किया। परिषद कार्यकर्ताओं ने छात्रसंघ चुनावों को विद्यार्थियों का लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए शीघ्र चुनाव कराने की मांग उठाई और इस संबंध में अपनी नाराजगी भी व्यक्त की।
प्रदर्शन के दौरान अभाविप कार्यकर्ताओं ने छात्रहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए कहा कि छात्रसंघ केवल एक चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के नेतृत्व विकास, लोकतांत्रिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण मंच है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि छात्रसंघ के माध्यम से विद्यार्थी अपनी समस्याओं को संगठित रूप से प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं तथा महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक वातावरण को बेहतर बनाने में सकारात्मक भूमिका निभाते हैं।
अभाविप शाहपुरा इकाई के अध्यक्ष सुनील शर्मा पांडे ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव लोकतंत्र की मूल भावना को मजबूत करने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थियों को अपने प्रतिनिधि चुनने और अपनी समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से रखने का अधिकार है, तब इस व्यवस्था को लंबे समय तक स्थगित रखना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि छात्रसंघ विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, संगठन कौशल, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करता है। यही विद्यार्थी आगे चलकर समाज और राष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभाते हैं। इसलिए छात्रसंघ चुनावों की बहाली केवल विद्यार्थियों की मांग नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता भी है।
उन्होंने कहा, “विद्यार्थी जब अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी समस्याएं प्रशासन तक पहुंचाना चाहते हैं, तो उन्हें यह लोकतांत्रिक अधिकार मिलना चाहिए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्रहित के प्रत्येक मुद्दे पर सदैव संघर्ष करती रही है और भविष्य में भी विद्यार्थियों की आवाज बुलंद करती रहेगी।”
अभाविप कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार एवं उच्च शिक्षा विभाग से मांग की कि छात्रसंघ चुनाव शीघ्र बहाल किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को अपने प्रतिनिधि चुनने और महाविद्यालय के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का अवसर पुनः मिल सके।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने छात्रहित और लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में जोरदार नारे लगाए तथा छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम में सह नगर मंत्री दीपक बंजारा, सोशल मीडिया संयोजक खुशबू शर्मा, मीडिया संयोजक उजेश बंजारा सहित अभाविप के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
अभाविप ने चेतावनी दी कि यदि छात्रसंघ चुनावों को लेकर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो छात्रहित में आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।




