न्यायालय परिसर में तिरंगे को सलाम, संविधान के संकल्प के साथ गूंजा आजादी का जज्बा
न्यायिक अधिकारियों ने दिलाया संविधान के प्रति जिम्मेदारी का अहसास

शाहपुरा। स्वतंत्रता दिवस का पर्व केवल तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान तक सीमित नहीं, बल्कि यह उस लोकतांत्रिक व्यवस्था, संविधान और नागरिक कर्तव्यों को याद करने का अवसर भी है, जिनकी बुनियाद पर आजाद भारत खड़ा है। शाहपुरा के स्थानीय न्यायालय परिसर में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस का समारोह इसी भावना के साथ गरिमापूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया गया। न्यायालय परिसर में लहराते तिरंगे के नीचे जब राष्ट्रगान की स्वर लहरियां गूंजीं तो वातावरण देशभक्ति और संवैधानिक मूल्यों के भाव से भर उठा।
समारोह में अपर जिला न्यायाधीश सानिया हाशमी एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट मनजीत सिंह मोंगा के मुख्य आतिथ्य तथा अभिभाषक संस्था के अध्यक्ष आशीष पालीवाल की अध्यक्षता में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज को सलामी और राष्ट्रगान के साथ हुई। शाहपुरा थाना के सीआई लीलाधर मालवीय के नेतृत्व में पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया। अनुशासित कदमों से आगे बढ़ते जवानों की सलामी ने समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया।

कविताओं में गूंजा बलिदान, शब्दों में छलका राष्ट्रप्रेम
समारोह में अधिवक्ताओं ने अपनी ओजस्वी रचनाओं, कविताओं और उद्बोधनों के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को याद किया। संस्था के पूर्व अध्यक्ष दीपक पारीक, अपर लोक अभियोजक हितेश शर्मा, प्रणवीर सिंह चौहान, दिनेश चंद्र व्यास, शिवराज कुमावत, निखिल व्यास, कमलेश मुंडेतिया, दुर्गालाल राजोरा, गीत मंडेला तथा महिला अधिवक्ता एवं सह सचिव प्रीति जैन ने अपनी प्रस्तुतियों से वातावरण में राष्ट्रभक्ति का रंग भर दिया।

कविताओं के ओजस्वी स्वर और वक्ताओं के विचारों ने उपस्थित लोगों को यह संदेश दिया कि आजादी हमें आसानी से नहीं मिली। इसके पीछे असंख्य वीरों का त्याग, संघर्ष और बलिदान छिपा है। इसलिए स्वतंत्रता का मूल्य समझना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि संविधान ने नागरिकों को अधिकार दिए हैं, लेकिन इन अधिकारों के साथ कर्तव्यों का निर्वहन भी उतना ही आवश्यक है। देश तभी मजबूत होगा, जब नागरिक अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी ईमानदार रहेंगे।
न्यायिक अधिकारियों ने दिलाया संविधान के प्रति जिम्मेदारी का अहसास
कार्यक्रम की अंतिम कड़ी में अपर जिला न्यायाधीश सानिया हाशमी एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट मनजीत सिंह मोंगा ने भी संबोधित किया। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सभी से संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने की अपेक्षा की।
उन्होंने कहा कि संविधान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। नागरिकों को मिले अधिकारों की रक्षा के साथ संविधान में निहित मूल्यों और कर्तव्यों को जीवन में उतारना भी आवश्यक है। न्याय व्यवस्था से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि न्याय, समानता और कानून के प्रति विश्वास लोकतंत्र की मजबूती के प्रमुख आधार हैं।

जन्मदिन पर साफा-माला से सम्मान, बधाइयों से खिला माहौल
समारोह के बीच आत्मीयता और पारिवारिक माहौल का भी रंग देखने को मिला। अधिवक्ता रामप्रसाद जाट के जन्मदिन तथा तालुका विधिक सेवा समिति के सचिव न्यायालय कार्मिक आजाद के जन्मदिवस के अवसर पर अधिवक्ताओं एवं न्यायालय परिवार के सदस्यों ने दोनों को साफा पहनाकर और माल्यार्पण कर बधाई दी।
स्वतंत्रता दिवस के गंभीर और गरिमापूर्ण माहौल के बीच जन्मदिन की शुभकामनाओं का यह प्रसंग समारोह में आत्मीयता घोल गया। उपस्थित अधिवक्ताओं एवं न्यायालय कर्मचारियों ने दोनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
‘हरित राजस्थान’ के संकल्प से जुड़ा न्यायालय परिसर
स्वतंत्रता दिवस समारोह को पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा गया। ‘हरित राजस्थान’ कार्यक्रम के तहत न्यायालय परिसर में पौधारोपण किया गया। उपस्थित न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायिक कर्मचारियों ने पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
पौधारोपण के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वतंत्रता का उत्सव केवल राष्ट्रध्वज के सम्मान तक सीमित नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरा-भरा और सुरक्षित पर्यावरण तैयार करना भी हमारी जिम्मेदारी है। न्यायालय परिसर में लगाए गए पौधे आने वाले समय में इस संकल्प के साक्षी बनेंगे।
अधिवक्ताओं और न्यायालय परिवार की रही सहभागिता
समारोह में वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकचंद नौलखा, गजेंद्र प्रताप सिंह राणावत, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष चावंड सिंह शक्तावत, अमन ओझा, वीरेंद्र पत्रिया, नाहर सिंह बंजारा, ताज मोहम्मद, आशीष भारद्वाज, सोहेल खान, नमन ओझा, योगेंद्र सिंह भाटी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
न्यायालय कार्मिकों में सुधीर, दशरथ, मोहन, राजकुमार वैष्णव, गिरिराज शर्मा, राहुल धाकड़, श्रीधर, कैलाश नायक, नाथू कोली, प्रहलाद कोली, मुंशी अभय गुर्जर सहित न्यायालय परिवार के अधिकांश कर्मचारी एवं होमगार्ड के जवान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन अधिवक्ता रामप्रसाद जाट ने किया। अंत में अध्यक्ष आशीष पालीवाल ने समारोह में उपस्थित अतिथियों, अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मचारियों और समस्त न्यायालय परिवार का तहेदिल से स्वागत करते हुए स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
न्यायालय परिसर में मनाया गया यह स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति, संविधान, कर्तव्य और पर्यावरण संरक्षण के चार सूत्रों को एक साथ जोड़ गया। तिरंगे को सलामी से शुरू हुआ कार्यक्रम पौधारोपण के संकल्प तक पहुंचा और यह संदेश दे गया कि स्वतंत्रता का वास्तविक सम्मान तभी है, जब हम संविधान की मर्यादा, राष्ट्र के गौरव और समाज के प्रति अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाएं।




