‘शाहपुरा संवाद डॉट इन’ का हुआ लोकार्पण-रामद्वारा धाम से आचार्यश्री रामदयालजी महाराज की रामत
आचार्यश्री बोले— राष्ट्रहित, समाजहित और सत्यनिष्ठ पत्रकारिता ही मीडिया की वास्तविक पहचान

शाहपुरा संवाद | अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के आचार्य जगद्गुरु स्वामी रामदयालजी महाराज की शाहपुरा रामद्वारा धाम से शनिवार को पारंपरिक रामत श्रद्धा एवं भक्ति के वातावरण में सम्पन्न हुई। चातुर्मास की पूर्व संध्या पर रामनिवास धाम की ऐतिहासिक बारादरी में आयोजित विशाल धर्मसभा में हजारों श्रद्धालुओं ने आचार्यश्री के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
अपने आशीर्वचन में आचार्यश्री ने कहा कि महाप्रभु रामचरणजी महाराज की तपस्या और त्याग का ही प्रतिफल है कि आज रामस्नेही संप्रदाय का संदेश देश ही नहीं, विदेशों तक पहुँच रहा है। उन्होंने कहा कि धर्म, सेवा और मानव कल्याण का मार्ग ही समाज को नई दिशा प्रदान कर सकता है।
आचार्यश्री ने बताया कि फूलडोल मेले की पंचमी पर भीलवाड़ा चातुर्मास की घोषणा की गई थी। रामत के अवसर पर भीलवाड़ा चातुर्मास समिति के भंवरलाल अजमेरा, अशोक कुमार अजमेरा, मुकेश गगरानी, मुरली एवं श्याम इनाणी सहित स्वरूप महिला मंडल, राम साधना महिला मंडल और विश्व शांति कल्याण चातुर्मास समिति के सदस्यों ने आचार्यश्री की आरती कर आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम के बाद संतों एवं श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।

‘शाहपुरा संवाद डॉट इन’ का शुभारंभ
धर्मसभा के दौरान वरिष्ठ पत्रकार मूलचंद पेसवानी द्वारा स्थापित डिजिटल समाचार मंच ‘शाहपुरा संवाद डॉट इन’ का विधिवत लोकार्पण आचार्यश्री स्वामी रामदयालजी महाराज के करकमलों से सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर आचार्यश्री ने कहा कि वर्तमान समय में मीडिया समाज का सशक्त दर्पण है। पत्रकारिता को निष्पक्षता, सत्य और राष्ट्रहित के मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करना चाहिए। यदि मीडिया समाज और राष्ट्रहित को केंद्र में रखकर कार्य करे तो वह सकारात्मक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
उन्होंने ‘शाहपुरा संवाद डॉट इन’ के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि रामनिवास धाम की मुख्य पीठ से इस डिजिटल समाचार मंच का प्रारंभ होना शाहपुरा के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मंच जनहित, सत्य और सकारात्मक पत्रकारिता की नई पहचान बनेगा।
कार्यक्रम में प्रेस क्लब के चांदमल मुंदड़ा, अनुज कांटिया, रामप्रकाश काबरा, गणेश सुगंधी, भेरूलाल पक्षकार, सूर्यप्रकाश आर्य, रामप्रसाद पारीक, गीतकार सत्येंद्र मंडेला, राजकुमार बैरवा सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
— शाहपुरा संवाद




