महाकाल के दरबार में गूंजे हर-हर महादेव, 101 किलो खीर का लगा भोग

शाहपुरा। श्रावण मास के अंतिम सोमवार को कलिंजरी गेट रोड स्थित श्री नर्बदेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास से सराबोर रहा। सुबह से देर रात तक मंदिर परिसर में भगवान भोलेनाथ के जयकारों की गूंज सुनाई देती रही। अंतिम सोमवार के अवसर पर हुए विभिन्न धार्मिक आयोजनों ने मंदिर परिसर को शिवमय बना दिया।
आयोजन का शुभारंभ प्रातः भगवान नर्बदेश्वर महादेव के विशेष अभिषेक से हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जल, दुग्ध सहित विभिन्न पूजन सामग्रियों से अभिषेक किया। विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और आरोग्य की कामना की। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।

महाकाल स्वरूप में सजे नर्बदेश्वर महादेव
शाम होते-होते मंदिर में भक्ति का रंग और गहरा हो गया। भगवान नर्बदेश्वर महादेव का महाकाल स्वरूप में भव्य एवं आकर्षक शृंगार किया गया। विशेष सजावट के बीच भगवान की मनमोहक झांकी सजाई गई। महाकाल स्वरूप के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्तों ने दर्शन कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया और हर-हर महादेव के जयकारे लगाए।
इसके बाद मंदिर परिसर में भगवान महादेव की भव्य महाआरती हुई। सैकड़ों श्रद्धालु महाआरती में शामिल हुए। आरती के दौरान दीपों की रोशनी और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान शिव की आराधना करते हुए श्रावण मास के अंतिम सोमवार को श्रद्धापूर्वक विदाई दी।
101 किलो खीर का भोग, प्रसाद के लिए लगी कतार
महाआरती के बाद भगवान नर्बदेश्वर महादेव को छप्पन भोग अर्पित किया गया। विशेष रूप से 101 किलो खीर का भोग लगाया गया। भगवान को भोग अर्पित करने के बाद प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। प्रसाद पाने के लिए भक्तों की कतार लगी रही। श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन में अपनी सहभागिता निभाई।
देर रात तक गूंजे शिव भजनों के स्वर
रात्रि में मंदिर परिसर में विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया। भजन गायकों एवं कलाकारों ने भगवान शिव सहित विभिन्न देवी-देवताओं की भक्ति से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुतियां दीं। जैसे-जैसे भजनों के स्वर गूंजे, श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। देर रात तक मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के चलते श्री नर्बदेश्वर महादेव मंदिर में पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल बना रहा। सुबह के अभिषेक से लेकर शाम की महाआरती, महाकाल स्वरूप के दर्शन, छप्पन भोग और रात्रि की भजन संध्या तक श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की आराधना कर श्रावण मास को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ विदाई दी और पुण्य लाभ अर्जित किया।




