ई-मित्र प्लस संचालकों ने नियमितीकरण और मानदेय की मांग को लेकर किया प्रदर्शन, एडीएम को सौंपा ज्ञापन
ग्राम पंचायत ई-मित्र संचालक संघ समिति राजस्थान के बैनर तले शांतिपूर्ण प्रदर्शन, सरकार से रोजगार सुरक्षा और स्थायी समाधान की मांग

भीलवाड़ा। ग्राम पंचायत स्तर पर वर्षों से आमजन को डिजिटल एवं जनकल्याणकारी सेवाएं उपलब्ध करा रहे ई-मित्र प्लस संचालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को ग्राम पंचायत ई-मित्र संचालक संघ समिति, राजस्थान के तत्वावधान में भीलवाड़ा जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर (एडीएम) को ज्ञापन सौंपकर ई-मित्र प्लस संचालकों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने से पूर्व बड़ी संख्या में ई-मित्र प्लस संचालक एकत्रित हुए और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान संचालकों ने कहा कि वे लंबे समय से ग्राम पंचायतों में विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं डिजिटल सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें न तो स्थायी रोजगार मिला है और न ही किसी प्रकार की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा।
जिला अध्यक्ष प्रभुलाल प्रजापत के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेशभर के ई-मित्र प्लस संचालक वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार और आमजन के बीच सेतु की भूमिका निभा रहे हैं। बावजूद इसके उनका भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ई-मित्र प्लस संचालकों की सेवाओं का सम्मान करते हुए उनके रोजगार को सुरक्षित किया जाए।

इस अवसर पर कीर्तिसिंह, महेंद्र मेघवंशी, रामस्वरूप, दौलत कुमार, सांवरमल तेली, रामेश्वरलाल सेन, प्रकाशचंद माली, किशनलाल खटीक एवं हिम्मत कुमार गाडरी सहित अनेक ई-मित्र प्लस ऑपरेटर उपस्थित रहे।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई कि ई-मित्र प्लस संचालकों को निश्चित (फिक्स) मानदेय प्रदान किया जाए, उन्हें ग्राम पंचायतों में नियमित किया जाए तथा उनकी योग्यता एवं अनुभव के आधार पर ग्राम पंचायत स्तर पर स्थायी पदों पर समायोजित किया जाए। साथ ही सरकार उनके और उनके परिवारों के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस नीति बनाए।
संचालकों ने कहा कि यदि समय रहते सरकार ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया तो ई-मित्र प्लस व्यवस्था समाप्ति के कगार पर पहुंच सकती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का संचालन भी प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि ई-मित्र प्लस ऑपरेटर सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए उनकी सेवाओं को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अंत में प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम को ज्ञापन सौंपकर राज्य सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की, ताकि हजारों ई-मित्र प्लस संचालकों और उनके परिवारों के सामने उत्पन्न रोजगार संकट का स्थायी समाधान हो सके।




