
भीलवाड़ा। शहर की सड़कों पर रविवार सुबह नजारा कुछ अलग था। हाथों में हथियार नहीं, बल्कि हैंडल पर पकड़ और पैरों में रफ्तार थी। पुलिस अधिकारी, जवान, साइकिल प्रेमी, वरिष्ठ नागरिक और जागरूक शहरवासी एक साथ साइकिल पर निकले तो शहर में फिटनेस, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का संदेश गूंज उठा। मौका था पुलिस प्रशासन एवं भीलवाड़ा साइकिल क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘संडे ऑन साइकिल’ थीम पर विशाल साइकिल रैली का।
रैली का उद्देश्य नागरिकों को साइकिल चलाने, नियमित व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। खास बात यह रही कि पुलिस अधिकारियों एवं विभिन्न थानों के जवानों ने भी साइकिल चलाकर अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।
हरी झंडी दिखाकर किया रैली का शुभारंभ
रैली को डिप्टी एसपी गजेंद्र सिंह, सीओ सिटी सज्जन सिंह सांकड़ा, शहर कोतवाली प्रभारी हनुमान सिंह, प्रताप नगर कोतवाली प्रभारी सुनील ताड़ा एवं वरिष्ठ नागरिक मंच अध्यक्ष मदन खटोड़ की उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्न थानों के पुलिस जवानों ने भी साइकिल पर सवार होकर रैली में हिस्सा लिया। वर्दीधारी जवानों को साइकिल चलाते देख आमजन में भी उत्साह दिखाई दिया। रैली ने यह संदेश दिया कि फिटनेस किसी एक वर्ग की जरूरत नहीं, बल्कि हर उम्र और हर व्यक्ति के स्वस्थ जीवन की बुनियाद है।
पुलिस की सहभागिता से अभियान को मिली नई ऊर्जा
साइकिल क्लब प्रभारी अरुण संतोष मुछाल ने कहा कि पुलिस प्रशासन के अधिकारियों एवं जवानों की सहभागिता से साइकिल अभियान को नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन और समाज मिलकर किसी सकारात्मक अभियान को आगे बढ़ाते हैं तो उसका संदेश अधिक प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचता है।
रैली में शामिल अतिथियों ने भी साइकिल को केवल आवागमन का साधन मानने के बजाय स्वस्थ जीवन और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की जरूरत बताई।
वरिष्ठ नागरिक मंच अध्यक्ष मदन खटोड़, एचडीएफसी के क्लस्टर हेड गौरव नागपाल, ‘साइकिल मैन’ मुकेश कुमावत एवं पतंजलि के भूपेंद्र मोगरा सहित अतिथियों ने अपने संबोधनों में कहा कि साइकिल केवल पेट्रोल-डीजल की बचत का माध्यम नहीं, बल्कि शरीर को सक्रिय रखने, प्रदूषण घटाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण तैयार करने का प्रभावी जरिया है।
उन्होंने शहरवासियों से नियमित रूप से साइकिल चलाने तथा फिटनेस को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
शहर की सड़कों पर दौड़े पैडल, गूंजे फिटनेस के नारे
साइकिल रैली सिटी कंट्रोल रूम से प्रारंभ हुई। इसके बाद रैली सदर बाजार, गोल प्याऊ चौराहा, सूचना केंद्र, थाना भीमगंज, अर्बन बैंक रोड, सिटी कोतवाली रोड, राजेंद्र मार्ग रोड और मुरली विलास रोड होते हुए वापस सिटी कंट्रोल रूम पहुंची।
रैली के दौरान प्रतिभागियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। शहर की सड़कों पर साइकिलों की कतार और फिटनेस संदेशों ने वातावरण को ऊर्जा से भर दिया।
इस दौरान “साइकिल का डोज—आधा घंटा रोज” और “फिट इंडिया, फिट भीलवाड़ा” जैसे संदेशों के माध्यम से आमजन को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।

साइकिल से सेहत भी, पर्यावरण भी
आयोजकों ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में शारीरिक गतिविधियां लगातार कम होती जा रही हैं। ऐसे में साइकिलिंग एक ऐसा व्यायाम है, जिसे आसानी से दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जा सकता है। नियमित साइकिल चलाने से शरीर सक्रिय रहता है और साथ ही ईंधन आधारित वाहनों पर निर्भरता कम होने से पर्यावरण को भी लाभ मिलता है।
रैली के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि छोटी दूरी के लिए वाहन निकालने के बजाय साइकिल का उपयोग किया जाए। इससे स्वास्थ्य बेहतर होगा, ईंधन की बचत होगी और शहर के प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी।
बड़ी संख्या में साइकिल प्रेमियों ने लिया हिस्सा
रैली में अरुण संतोष मुछाल, मदन खटोड़, राकेश सक्सेना, सुरेश बम्ब, राजकुमार अजमेरा, मुकेश सामरिया, मनोहर डुमोलिया, भूपेंद्र मोगरा, यश झुरानी, चयनिका झुरानी, मुकेश कुमावत, जिनेंद्र चौधरी, अशोक राठी, गिरिराज प्रजापति, नरेश बाहेती, आशुतोष आचार्य, दिनेश भट्ट, रामचंद्र मूंदड़ा, सोम शर्मा, डॉ. हेमेन्द्र कौशिक, डॉ. फरियाद मोहम्मद, गौरव नागपाल, इकबाल सिंह, मनोज तुलसानी, ओमप्रकाश काबरा, हस्तीमल भलावत, सत्यनारायण राठी, भेरूलाल सुवालका, गजानंद गुप्ता, प्रतीक ईनाणी, निर्मल व्यास, राकेश शर्मा, दिनेश बाहेती, लीलाराम आडवाणी, अशोक तोलम्बिया और विजय कपूर सहित बड़ी संख्या में साइकिल प्रेमी शामिल रहे।
इसके अलावा विभिन्न थानों के पुलिस जवानों और जागरूक नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
रैली ने साफ संदेश दिया—सेहत चाहिए तो पैडल चलाइए और पर्यावरण बचाना है तो साइकिल अपनाइए। भीलवाड़ा में ‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान ने रविवार की सुबह को केवल साइकिलिंग का आयोजन नहीं रहने दिया, बल्कि स्वस्थ और स्वच्छ शहर की दिशा में सामूहिक संकल्प में बदल दिया।




