रकमा की नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी ने ली शपथ, संगठन को मजबूत बनाने का लिया संकल्प
कोटा में गरिमामय समारोह, भीलवाड़ा के मोहम्मद यासीन पठान बने प्रदेश सचिव, इकरामुल हक अंसारी को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी

शाहपुरा/। राजस्थान अधिकारी कर्मचारी माइनॉरिटी एसोसिएशन (रकमा) की नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह रविवार को कोटा स्थित होटल मेनाल रेजिडेंसी में गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। प्रदेशभर से आए पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों, महासमिति सदस्यों एवं संगठन के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने संगठन के संविधान के प्रति निष्ठा रखते हुए कर्मचारी हितों की रक्षा, सामाजिक सरोकारों को बढ़ावा देने तथा संगठन को प्रदेशभर में सशक्त बनाने का संकल्प लिया।
समारोह का शुभारंभ पवित्र कुरआन शरीफ की तिलावत से हुआ। इसके बाद रकमा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं समारोह संयोजक डॉ. अशफाक हुसैन को राजकीय सेवा से सेवानिवृत्ति के अवसर पर संगठन की ओर से साफा पहनाकर एवं पुष्पमालाओं से आत्मीय सम्मान प्रदान किया गया। उपस्थित सदस्यों ने उनके लंबे संगठनात्मक योगदान और कर्मचारी हितों के लिए किए गए कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अशफाक हुसैन, विशिष्ट अतिथि रकमा के प्रदेश संरक्षक एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष जाहिद अली तथा पूर्व प्रदेश महासचिव हबीब खान उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष अतीक अहमद ने की।
शपथ ग्रहण समारोह में मालपुरा (टोंक) के असद मलिक ने प्रदेश महासचिव तथा डीग (भरतपुर) के तैयब हुसैन ने महासमिति सभाध्यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। वहीं भीलवाड़ा जिले के लिए यह गौरव का अवसर रहा, जब मोहम्मद यासीन पठान ने प्रदेश सचिव तथा इकरामुल हक अंसारी ने प्रदेश संयुक्त सचिव पद की शपथ लेकर संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. अशफाक हुसैन, जाहिद अली, अतीक अहमद, तैयब हुसैन एवं असद मलिक ने संगठन की एकजुटता, कर्मचारी अधिकारों की रक्षा तथा सामाजिक समरसता के लिए निरंतर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रकमा केवल कर्मचारियों का संगठन नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्वों के निर्वहन और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करने वाला मंच भी है।
रकमा भीलवाड़ा जिला अध्यक्ष मोहम्मद सलीम डायर ने अपने संबोधन में संगठन को प्रदेश, जिला एवं ब्लॉक स्तर तक और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रदेश स्तर पर वार्षिक गतिविधि पंचांग जारी करने, नियमित सदस्यता अभियान चलाने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सामाजिक सरोकारों से जुड़े आयोजनों तथा कर्मचारी हितों के मुद्दों पर प्रभावी पहल करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती उसकी सक्रिय इकाइयों और सदस्यों की भागीदारी से ही संभव है।
समारोह में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए जिला अध्यक्षों, महासमिति सदस्यों एवं सैकड़ों कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के लिए स्नेहभोज की व्यवस्था की गई। पूरे आयोजन में संगठनात्मक एकता, अनुशासन और कर्मचारी हितों के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।




