
भीलवाड़ा। भीलवाड़ा में पहली बार चातुर्मास कर रहे राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज के आशीर्वाद से गठित भीलवाड़ा पुलक मंच की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में आयोजित हुआ। समारोह में अतुल पाटनी को अध्यक्ष और आदिश चौधरी को उपाध्यक्ष सहित कुल 11 पदाधिकारियों को मनोनीत किया गया। मंच के गठन के साथ ही 50 सदस्य इससे जुड़ चुके हैं।
कार्यक्रम में मंच के संरक्षक के रूप में प्रवीण चौधरी, मनीष शाह एवं लोकेश अजमेरा को नियुक्त किया गया। नवगठित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति भीलवाड़ा के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण के बाद प्रवीण चौधरी ने सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुलक मंच भीलवाड़ा, आचार्यश्री की भावना के अनुरूप समाज और धर्म की सेवा के लिए विशिष्ट कार्य करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि मंच गुरुदेव के संदेशों को आमजन तक पहुंचाने और सेवा गतिविधियों को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जिनशासन सेवा के साथ मानव सेवा और जीवदया पर जोर
मंच के नवनियुक्त अध्यक्ष अतुल पाटनी ने कहा कि आचार्य पुलकसागर महाराज की भावना के अनुरूप जिनशासन की सेवा के साथ मानव सेवा एवं जीवदया के विभिन्न कार्य किए जाएंगे। सामाजिक क्षेत्र में भी मंच अपनी सक्रिय भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि पूज्य गुरुदेव के कल्याणकारी संदेशों को जन-जन तक पहुंचाना मंच की प्राथमिकताओं में रहेगा। जिनशासन की सेवा के साथ समाजहित से जुड़े कार्यों को भी गति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में समाज के अन्य सदस्यों को भी पुलक मंच से जोड़ा जाएगा, जिससे मंच की गतिविधियों का विस्तार हो सके।
पुलक महिला मंच का भी गठन
समारोह के दौरान पुलक महिला मंच का भी गठन किया गया। इससे धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत करने की दिशा में पहल की गई है।
4 अक्टूबर को भीलवाड़ा में राष्ट्रीय अधिवेशन
पुलक मंच भीलवाड़ा की स्थापना के साथ ही शहर में होने वाले एक बड़े धार्मिक-सामाजिक आयोजन की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। 4 अक्टूबर को राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागर महाराज के सानिध्य में भीलवाड़ा में पुलक मंच का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार राष्ट्रीय अधिवेशन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पुलक मंच से जुड़े 1500 से अधिक सदस्य शामिल होंगे। अधिवेशन को लेकर तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। आयोजन में धार्मिक चिंतन के साथ सामाजिक सरोकारों, सेवा कार्यों और जिनशासन के प्रचार-प्रसार से जुड़े विषयों पर भी मंथन होने की संभावना है।
भीलवाड़ा में पहली बार चातुर्मास कर रहे आचार्य पुलकसागर महाराज के सानिध्य में होने वाला यह राष्ट्रीय अधिवेशन शहर के लिए भी विशेष धार्मिक-सामाजिक आयोजन के रूप में देखा जा रहा है।




