
फूलियाकलां (प्रकाश तोषनीवाल)। सामाजिक समरसता गतिविधि के अंतर्गत संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 650वें प्राकट्य वर्ष के उपलक्ष्य में प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह आयोजित किया गया। नाथजी के आसण में हनुमान भक्त मंडल फुलिया कलां की ओर से आयोजित समारोह में राजकीय विद्यालयों की कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि चित्तौड़ प्रांत के प्रांत कार्यवाहक डॉ. शंकर लाल माली रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसीलदार रामदेव धाकड़ ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में भीलवाड़ा विभाग सामाजिक समरसता संयोजक ललित जैन एवं प्रधानाचार्य हरक चंद्र रैगर उपस्थित रहे।
समारोह में क्षेत्र के 47 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के 95 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों के सम्मान के दौरान उनके अभिभावकों और क्षेत्रवासियों में भी उत्साह नजर आया। कार्यक्रम में ग्राम एवं क्षेत्र के करीब 250 गणमान्य नागरिकों, अभिभावकों एवं शिक्षकों ने भाग लेकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
मुख्य वक्ता डॉ. शंकर लाल माली ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों को महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिभा का वास्तविक उपयोग तब है, जब वह राष्ट्रहित और समाजहित के काम आए।
उन्होंने भारत माता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से देश के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्यबोध विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए बड़ी चुनौती है। युवा पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होकर प्रकृति और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
डॉ. माली ने विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिससे विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और कौशल को विकसित कर आत्मनिर्भर बन सकें। ज्ञान के साथ कौशल का विकास उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।
उन्होंने कहा कि आज के प्रतिभावान विद्यार्थी ही आने वाले समय में परिवार, समाज और राष्ट्र की दिशा तय करेंगे। इसलिए विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करनी चाहिए और अपनी उपलब्धियों के माध्यम से परिवार एवं क्षेत्र का नाम रोशन करना चाहिए।
समारोह में सम्मानित विद्यार्थियों ने उपलब्धि के लिए अपने शिक्षकों और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने भी मेधावी विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
आयोजकों ने कहा कि प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने वाले ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करते हैं। सामाजिक समरसता की भावना के साथ आयोजित यह सम्मान समारोह विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी संदेश छोड़ गया।




