
बागौर | मोहित कुमार।
रामदेवरा जाने वाले श्रद्धालुओं की सेवा और परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बागौर में एक बार फिर सेवा का दरबार सज गया है। रामदेव सेवा समिति की ओर से धर्म तालाब की पाल पर 20वां रामरसोड़ा शुरू किया गया है। रूणिजा-जोधपुर स्थित रामदेवरा की यात्रा पर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यहां चाय-नाश्ता, भोजन के साथ रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है। यह सेवा भादवी बीज तक जारी रहेगी।
रामदेव सेवा समिति द्वारा हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए रामरसोड़े की शुरुआत की गई है। यात्रा के दौरान बागौर से गुजरने वाले भक्तों को यहां ठहरने और भोजन की सुविधा मिलेगी। समिति के सदस्यों और ग्रामीणों की ओर से श्रद्धालुओं की सेवा के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं।
जिला सतर्कता समिति के सदस्य हरिश बसवाला ने बताया कि रामदेवरा जाने वाले हजारों श्रद्धालु इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में रामरसोड़ा उनके लिए राहत का पड़ाव बनता है। यहां यात्रियों को बिना किसी भेदभाव के भोजन, चाय-नाश्ता और विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
दीप प्रज्ज्वलित कर होगा शुभारंभ
रामरसोड़े का उद्घाटन शनिवार सुबह 11 बजे किया गया। कार्यक्रम में मांडल विधायक उदयलाल भड़ाणा मुख्य अतिथि रहे, जबकि भाजपा मंडल अध्यक्ष हमेदसिंह राणावत ने अध्यक्षता की। भाजपा मंडल उपाध्यक्ष मनीष शर्मा, शिव व्यास तथा ब्लॉक महासचिव कांग्रेस कमेटी करेड़ा-बागौर राकेश चंदेल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर रामरसोड़े की सेवा का शुभारंभ किया।
उद्घाटन के दौरान श्रद्धालु सेवा को लेकर ग्रामीणों में भी खासा उत्साह नजर आया। समिति सदस्यों ने बताया कि रामदेवरा यात्रा के दौरान बागौर में रुकने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

रविवार को रक्तदान से जुड़ेगी सेवा की एक और कड़ी
रामरसोड़े की सेवा के साथ ही रविवार को छठा रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। समिति की ओर से रक्तदान को मानव सेवा की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से शिविर में पहुंचकर रक्तदान करने का आह्वान किया गया है।
रामदेव सेवा समिति अध्यक्ष चांदमल रेगर सहित समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि रामदेवरा यात्रा के दौरान सेवा कार्यों के साथ सामाजिक सरोकारों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। रक्तदान शिविर इसी भावना का हिस्सा है।
कार्यक्रम में पीडब्ल्यूडी एक्सईएन भेरूलाल रेगर, सदर ख्वाजा हुसैन निलघर, सुनील देवपुरा, चांदमल खटीक, जगदीश रेगर, भीमराज वैष्णव, अमित आचार्य, रतनलाल रेगर, राधेश्याम आचार्य, राजमल जीनगर, सावरमल जाट सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और समिति सदस्य मौजूद रहे।
20 साल से चली आ रही यह सेवा अब बागौर की पहचान बन चुकी है। रामदेवरा की ओर बढ़ते कदमों के बीच यहां मिलने वाला भोजन, पानी और विश्राम श्रद्धालुओं के लिए सेवा और अपनत्व का एहसास कराता है।




